Wednesday, February 17, 2010

CARTOON on cross examination of RAPE VICTIM


5 टिप्पणियाँ:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वास्तव में ही अत्यंत चिंताजनक विषय है.

Raviratlami said...

आपदा ग्रस्त स्त्री की हालत, और लोलुप, अय्याश समाज का बेहद संजीदा, विस्तृत चित्रण किया है आपने

dr.aalok dayaram said...

"वैवर्त-सा घूमता हूं अपनी ही धूरी में"
बहुत गहरा चिंतन है।शब्द शिल्प उत्तम है। होली की शुभकामनाएं!

रोली पाठक said...

वाकई......पहले ज़ुल्म फिर उपहास..उफ़...!!!!

रोली पाठक said...
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